मूंग- 15 से 20 दिन – वानस्पतिक वृद्धि अवस्था
मूंग की वानस्पतिक अवस्था (15-20 दिन) में कॉम्बिनेशन – 6-BA के साथ IBA या प्लानोफिक्स और हेनीग सोल्युशन तकनीकी रूप से शाखाओं के फुटाव (Branching) और जड़ विकास के लिए तरह काम करता है।
यह फसल के फुटाव (Branching) और विकास के लिए काम करेगा:
- 6-BA (6-Benzyladenine) और IBA / प्लानोफिक्स का तालमेल
ये दोनों प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर (PGR) हैं, जो कोशिका विभाजन का काम करते हैं:
- 6-BA (साइटोकिनिन): इसका मुख्य काम “एपिकल डोमिनेंस” (ऊपर की ओर बढ़ने की प्रवृत्ति) को तोड़ना है। यह पौधे को ऊपर बढ़ने के बजाय साइड से शाखाएं (Branching) निकालने के लिए प्रेरित करता है। इससे फुटाव बढ़ता है।
- IBA / प्लानोफिक्स (Auxins): यह जड़ों के विकास में मदद करता है। शुरुआती अवस्था में मजबूत जड़ें जमीन से पोषक तत्व सोखने की क्षमता बढ़ाती हैं।
2. हेनीग सोल्युशन (11:44:11)
अ. जड़ों का जाल फैलाना (Root Development)
मूंग एक दलहनी फसल है। 15-20 दिन की उम्र में पौधा अपनी जड़ों को गहराई में भेजने की कोशिश करता है।
- फास्फोरस जड़ों की कोशिकाओं के विभाजन में मदद करता है।
- जितनी मजबूत और गहरी जड़ें होंगी, पौधा उतना ही अधिक सूखा सह पाएगा और जमीन से पोषक तत्व सोख सकेगा।
ब. राइजोबियम ग्रंथियों (Nodes) का निर्माण
दलहनी फसलों की जड़ों में छोटी-छोटी गांठें (Nodes) होती हैं, जिनमें राइजोबियम बैक्टीरिया रहते हैं। ये बैक्टीरिया हवा से नाइट्रोजन लेकर पौधे को देते हैं।
- 11:44:11 इन गांठों के बनने की प्रक्रिया को तेज करता है।
- यदि जड़ें स्वस्थ होंगी, तो पौधा खुद अपनी नाईट्रोजन बनाने में सक्षम हो जाएगा, जिससे बाद में यूरिया देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
क. ‘एनर्जी करेंसी‘ (ATP) का स्रोत
फास्फोरस को पौधे की ऊर्जा का भंडार माना जाता है।
- जब आप 6-BA (साइटोकिनिन) का स्प्रे करते हैं, तो पौधा तेजी से कोशिका विभाजन (Cell Division) करता है और नई शाखाएं निकालता है।
- इस तेज विकास के लिए पौधे को बहुत ऊर्जा (ATP) चाहिए होती है, जो 11:44:11 में मौजूद फास्फोरस प्रदान करता है।
ड. शुरुआती वानस्पतिक बढ़वार (Initial Growth)
इसमें मौजूद 11% नाईट्रोजन पौधे को शुरुआती हरापन देती है और तने को हल्का सहारा प्रदान करती है ताकि वह शाखाओं का बोझ उठा सके।
इ. फास्फोरस की उच्च उपलब्धता (Water Soluble)
साधारण DAP जमीन में डालने पर धीरे-धीरे काम करता है और अक्सर मिट्टी में फिक्स (जाम) हो जाता है। लेकिन 11:44:11 पूरी तरह पानी में घुलनशील है, इसलिए स्प्रे करते ही यह पत्तियों के जरिए तुरंत पौधे के सिस्टम में चला जाता है।
6-BA: यह पानी में नहीं घुलेगा। 1 ग्राम 6-BA को 10-20 ml सोलवेंट में घोलें।
फिर इसको स्टेप 3 की बाल्टी में डाले
- स्टेप 1 6-BA: यह पानी में नहीं घुलेगा। 1 ग्राम 6-BA को 10-20 ml सोलवेंट में घोलें।
- स्टेप 2 (IBA/प्लानोफिक्स): इसे अंत में मिलाएं।1 ग्राम IBA को 10-20 ml सोलवेंट में घोलें।
- स्टेप 3 (11:44:11): इसे अलग बाल्टी में पानी में घोलें।
- स्टेप 4 बड़े टैंक में पहले 11:44:11 हेनीग सोल्युशन डाले फिर बारी बारी से 6-BA और IBA या प्लानोफिक्स डाले।
- मात्रा:
- 6-BA: 4 ग्राम प्रती 200 लीटर पानी
- IBA: 2 ग्राम प्रती 200 लीटर पानी या फिर प्लानोफिक्स: 45 मिली प्रती 200 लीटर पानी
(दोनों में से एक जो आसानी से मिल जाए)
- हेनीग सोल्युशन (11:44:11): 1 किलो प्रती 200 लीटर पानी
- सावधानियां और सुझाव (Critical Warnings)
हालांकि यह फार्मूला सुनने में प्रभावी है, लेकिन कुछ बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है:
- प्लानोफिक्स की मात्रा: प्लानोफिक्स (NAA) की मात्रा बहुत कम (44 ml प्रति 200 लीटर पानी ) रखनी चाहिए। अधिक मात्रा होने पर पौधे “तनाव” में आ सकते हैं और बढ़वार रुक सकती है।
- 6-BA का घोल: 6-BA पाउडर फॉर्म में आता है, इसे पहले थोड़े से सोलवेंट (बाजार में यह इसके साथ मिलता या अल्कोहल या डॉक्टर स्पिरिट) में घोलना पड़ता है, सीधे पानी में यह नहीं घुलता।
- मिट्टी में नमी: PGR का छिड़काव तभी करें जब खेत में पर्याप्त नमी हो। सूखे खेत में इनका छिड़काव फसल को पीला कर सकता है।

