फल का आकार, साईज एवं वजन कीअवस्था
पपीते की फसल में फल का आकार (Fruit Sizing) बढ़ाने के लिए यह खादों का क्रम—ओ’नील, जेरार्ड सोल्युशन और 00:00:50 यह एक बेहतरीन कोम्बिनेशन। यह कोम्बिनेशन “सोर्से सिंक के सिध्दांत” पर काम करता है, जो फल का वजन और मिठास बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी है।
यह कोम्बिनेशन कैसे काम करेगा:
- ओ’नील (0:40:39 + Fe + Mg) का कार्य
यह फल के साईज के शुरुवाती चरन में काम करता है।
- 40% फास्फोरस (P): इस समय फास्फोरस जड़ों को सक्रिय रखता है ताकि वे मिट्टी से भारी मात्रा में पोटेशियम उठा सकें। यह फल के अंदरूनी बीज वाले हिस्से को मजबूती देता है।
- 39% पोटाश (K): फल के फूलने की प्रक्रिया शुरू करता है।
- आयरन (Fe) और मैग्नीशियम (Mg): मैग्नीशियम पत्तियों को ‘पावर हाउस’ बनाता है। अगर पत्तियां गहरी हरी रहेंगी, तभी वे फल के लिए ग्लूकोज बना पाएंगी। इससे फल में पीलापन नहीं आता और फल का आकार एक समान बढ़ता है।
- जेरार्ड सोल्युशन (05:08:40 + Mg) का कार्य
5-7 दिन बाद इसे देने का मकसद फल में “वजन और घनत्व” (Density) भरना है।
- 5% नाईट्रोजन: यह बहुत कम मात्रा में है, जो केवल इसलिए दी जाती है ताकि पौधा पोटाश को तेजी से सोख सके (Nitrogen acts as a carrier)।
- 40% पोटाश: यह फल की कोशिकाओं में पानी और शर्करा (Sugar) भरता है।
- मैग्नीशियम (Mg): यह फिर से प्रकाश संश्लेषण को तेज करता है, जिससे फल का वजन तेजी से बढ़ता है।
- 00:00:50 (पोटेशियम सल्फेट) का अंतिम कार्य
यह “फिनिशिंग टच” देने वाली खाद है।
- मिठास और चमक: यह फल के छिलके को चमकदार बनाता है और पपीते के अंदर के ‘ब्रिक्स लेवल’ (मिठास) को बढ़ाता है।
- ठोसपन: यह फल को अंदर से ठोस बनाता है, जिससे फल मंडी ले जाते समय दबते नहीं हैं और उनका वजन भी ज्यादा बैठता है।
- रोग प्रतिरोधकता: यह फल को फफूंद और अन्य रोगों से लड़ने की शक्ति देता है।
उपयोग की मात्रा:
- ओ’नील: 4 किलो प्रति एकड़
- जेरार्ड सोल्युशन: 4 किलो प्रति एकड़
- 00:00:50: 7 प्रति एकड़
(हर हप्ते के अंतराल पर एक एक उत्पाद बदलकर दें।)
विशेष सावधानियां:
- पानी का प्रबंधन: जब आप इतनी हाई-पोटेशियम खादें देते हैं, तो खेत में नमी (Moisture) समान होनी चाहिए। पानी की कमी से फल का बढ़ना रुक सकता है।
- दूरी: इन खादों के बीच आपने जो 5-7 दिन का अंतर रखा है, वह बहुत जरूरी है। इसे कम न करें, ताकि पौधा हर तत्व को आराम से सोख सके।
- कैल्शियम का ध्यान: इन तीन खादों में कैल्शियम नहीं दिया है, तो बीच में लगे की साईंज में दिक्कत आ रही है तो बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट (मार्क सोल्युशन) का ड्रिप से प्रयोग जरूर करें ताकि पपीते का छिलका फटे नहीं और साईज मिले।
(पपीते की प्रजाति रेड लेडी 786 याने तैवान 786 या 15 नंबर है या कोई अन्य इनको इस अवस्था में पोटाश की मांग बहुत अधिक होती है।)


