फूल और फल सैटिंग अवस्था (91-120 दिन)
पपीते की फसल में 91 से 120 दिन की यह अवधि “फलों के आकार और गुणवत्ता” के निर्धारण का समय है। इस समय तक पौधे पर छोटे फल बन चुके होते हैं और नए फूलों का आना जारी रहता है।
इस अवस्था में आपका मुख्य उद्देश्य फलों का गिरना रोकना और वायरस वाहक कीटों को खत्म करना होता है।
- पोषकतत्वों का प्रबंधन (जमीन से)
लिबीग (06:24:36+ Mg): (15 दिन के अंतराल से 2 बार)
इस समय पौधे को फास्फोरस और पोटाश की अधिक जरूरत होती है, लेकिन हल्की नाईट्रोजन भी चाहिए ताकि पौधे की ऊपरी वृद्धि न रुके।
- 06% नाईट्रोजन: नए पत्तों और कलियों के विकास को सहारा देती है।
- 24% फास्फोरस: जड़ों को सक्रिय रखता है और फलों के गिरने (Fruit Drop) को कम करता है।
- 36% पोटाश: फलों के वजन, आकार और उनमें चमक पैदा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
- मैग्नीशियम (Mg): यह पत्तियों में ‘मैग्नीशियम की कमी’ (पीलासपन) को रोकता है, जिससे पौधा पूरी ऊर्जा से भोजन बना पाता है।
- स्प्रे प्रबंधन
इस समय जड़ों से ज्यादा पत्तियों पर छिड़काव का असर तेजी से दिखता है।
- बायो 20 (सीवीड): इसमें समुद्री शैवाल (Seaweed) का अर्क होता है। यह एक ‘एंटी-स्ट्रैस’ एजेंट है। अगर तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव आता है, तो बायो 20 पौधे को सदमे से बचाता है और फूलों की सैटिंग बढ़ाता है।
- लिपमैन कोम्बी (सुक्ष्मपोषकतत्व): इसमें जिंक, लोहा, मैन्गेनीज, तांबा और बोरान जैसे तत्व ‘चिलेटेड’ रूप में होते हैं। ये छोटे फल के टेढ़े-मेढ़े होने (Deformity) की समस्या को रोकते हैं। साथ मे प्रकाशसंश्लेषण कि प्रक्रिया को बढावा देते है।
- सबसे बड़ी चुनौती: वायरस और रस चूसक कीट
91-105 दिन की अवस्था में ‘लीफ कर्ल वायरस’ और ‘मोजेक वायरस’ का हमला सबसे घातक होता है।
- सफेद मक्खी और एफिड्स: ये कीट नए निकलने वाले पत्तों का रस चूसते हैं और वायरस फैलाते हैं।
- कीटनाशक का चयन: इस समय कीटनाशक + बायो 20 + लिपमैन कोम्बी का मिश्रण स्प्रे करें। कीटनाशक के रूप में आप Diafenthiuron या Imidacloprid या Thiamethoxam या Fipronil या Isocycloserum या Flonicamid) जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं जो सफेद मक्खी और माइट्स या अन्य रस चुसक किटो पर काम करते हैं।
मात्रा:
जमीन से,
- लिबीग (06:24:36+ Mg): 4 किलो प्रती एकड़
स्प्रे,
- बायो 20: 2 मिली प्रती लीटर पानी
- लिपमैन कोम्बी:5 ग्राम प्रती लीटर पानी
(15 दिन के अंतराल से 2 बार)
किसान भाइयों के लिए विशेष सावधानी:
- नए पत्तों पर नजर: अगर नए निकलने वाले पत्ते सिकुड़े हुए या पीले-सफेद धब्बों वाले दिखें, तो समझें कि वायरस का हमला शुरू हो चुका है। ऐसे पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करना ही एकमात्र विकल्प है।
- पानी का समय: दोपहर की गर्मी में पानी न दें। सुबह जल्दी या शाम को ही ड्रिप चलाएं।
- स्प्रे की टाइमिंग: फूलों की सुरक्षा के लिए कीटनाशक का स्प्रे हमेशा शाम 4 बजे के बाद करें ताकि मधुमक्खियों (Pollinators) को नुकसान न हो।



