मटर 20 – 40 दिन की अवस्था में क्या दे की फुल भी निकलने और सेटिंग भी हो?
मटर की 20-40 दिन की अवस्था (Pre-flowering to early flowering stage) बहुत ही नाजुक और महत्वपूर्ण होती है। इस समय DP 98 (06:37:17) और केलमैक्स गोल्ड का कोम्बिनेशन आपकी फसल में एक ही टाइम पे फुल भी निकाले गा और सैटिंग भी का काम भी करेगा।
यहाँ इसके मुख्य लाभ दिए गए हैं:
- जड़ों की मजबूती और विकास
- DP 98 (हाई फास्फोरस): इसमें फास्फोरस की मात्रा (37 %) अधिक है। फास्फोरस का मुख्य कार्य जड़ों का विस्तार करना है। मजबूत जड़ें जमीन से पोषक तत्वों और पानी को बेहतर तरीके से सोख पाती हैं, जिससे पौधा विपरीत परिस्थितियों में भी खड़ा रहता है।
- अधिक फुटाव और शाखाएं (Branching)
- इस अवस्था में फास्फोरस और नाइट्रोजन का सही अनुपात (06:37:17) पौधे को ऊपर की ओर बढ़ने के साथ-साथ साइड से नई शाखाएं निकालने के लिए प्रेरित करता है। जितनी ज्यादा शाखाएं होंगी, उतने ही ज्यादा फूल लगने की जगह बनेगी।
- फूलों की संख्या और सैटिंग (Flower Setting)
यह इस स्प्रे का सबसे बड़ा लाभ है:
- केलमैक्स गोल्ड (कैल्शियम + अमिनो एसिड): कैल्शियम कोशिकाओं (Cells) को मजबूती प्रदान करता है, जिससे फूलों का गिरना (Flower drop) कम होता है।
- एमिनो एसिड: यह पौधे को तनाव से बचाता है और ‘परागकण’ (Pollen) की गुणवत्ता सुधारता है, जिससे फूल से फली बनने की प्रक्रिया (Setting) बेहतर होती है।
- इसमें मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्व फूलों के विकास में उत्प्रेरक का काम करते हैं।
- फसल का स्वास्थ्य और चमक
- पोटाश (17%) पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और दानों के भराव में शुरुआती मदद करता है।
- अमीनो एसिड के कारण पौधों का रंग गहरा हरा और चमकदार बना रहता है।
डीपी 98: 2 मिली प्रति लीटर पानी।
कैलमेक्स गोल्ड: 2 मिली प्रति लीटर पानी।
(सही समय: अगर आपकी फसल में 5-10% फूल दिखने शुरू हो गए हैं, तो यह स्प्रे करने का सबसे सटीक समय है। इससे फूलों की सेटिंग बहुत शानदार होगी।)



