7. अदरक 73 से 75 दिन में कैल्शियम और बोरोन जरुर दे ?

अदरक की फसल के लिए 73 से 75 दिन का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह वह अवस्था है जब पौधा वानस्पतिक विकास (Vegetative Growth) से बाहर निकलकर कंद / गाठ के निर्माण (Rhizome Initiation) की प्रक्रिया शुरू कर रहा होता है।

इस विशेष समय पर कैल्शियम और बोरोन की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है:

  1. नई कंद / गांठों की शुरुआत (Rhizome Initiation)

73-75 दिनों के आसपास अदरक की मुख्य कंद / गांठ से छोटी-छोटी उंगलियां (Fingers) निकलना शुरू होती हैं।

  • कैल्शियम: इस समय कोशिका विभाजन बहुत तीव्र होता है। कैल्शियम नई कोशिकाओं की दीवार बनाने के लिए कच्चा माल प्रदान करता है।
  • बोरान: यह सुनिश्चित करता है कि पौधा इस नई वृद्धि के लिए आवश्यक ऊर्जा (कार्बोहाइड्रेट) को पत्तियों से सीधे जड़ों तक भेजे।
  1. तने की मजबूती और गिरने से बचाव

इस चरण में पौधा तेजी से ऊपर की ओर भी बढ़ता है।

  • कैल्शियम तने को सीधा खड़ा रहने की शक्ति देता है।
  • 75 दिन के आसपास अगर कैल्शियम-बोरान की कमी हो, तो पौधे का तना कमजोर होकर गिर सकता है।
  1. पोषक तत्वों का संतुलन

अदरक की फसल इस समय भारी मात्रा में नाईट्रोजन और पोटेशियम का उपयोग करती है।

  • भूमिका: कैल्शियम मिट्टी में मौजूद अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों के अवशोषण को संतुलित करता है। यह मिट्टी के pH को भी जड़ों के पास स्थिर रखता है ताकि पौधा बिना तनाव के पोषक तत्व ले सके।
  1. फफूंद और सड़न से सुरक्षा

70-80 दिनों के बीच अदरक में ‘पिथियम’ (Pythium) जैसे कवक का हमला होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, जिससे अदरक सड़ने लगती है।

  • कैल्शियम जड़ों की बाहरी परत को “कवच” की तरह सख्त बना देता है, जिससे फफूंद के कीटाणु आसानी से गांठों के अंदर प्रवेश नहीं कर पाते।

इस समय (73-75 दिन) क्या करें?

यदि आपने अब तक इनका प्रयोग नहीं किया है, तो इस विशेष अवधि में निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:

  1. सीए + बी (कैल्शियम और बोरान युक्त उत्पाद): 500 मिली प्रती एकड़ दे। (नाईट्रोजन नही देना हो तो…)
  2. मार्क सोलुशन (बोरोनेटेड कैल्शियम नाईट्रेट): मिट्टी में नमी होने पर कैल्शियम नाइट्रेट का प्रयोग करें। यह न केवल कैल्शियम देगा बल्कि थोड़ी मात्रा में नाइट्रोजन भी देगा जो इस समय विकास के लिए जरूरी है। (अगर इसके पहले इसका उपयोग नही हुआ है या नाईट्रोजन देना हो तो…)
  3. मिट्टी चढ़ाना (Earthing Up): अक्सर 75 दिनों के आसपास मिट्टी चढ़ाने का काम किया जाता है। मिट्टी चढ़ाते समय कैल्शियम और बोरोन को खाद में मिलाकर देने से सबसे अच्छा परिणाम मिलता है।

ca+b

marc

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