मिर्च की फसल जब 38-40 दिन की होती है, तो यह अपनी वानस्पतिक वृद्धि (Vegetative growth) को पूरा कर फुल आने की अवस्था (Flowering stage) में प्रवेश कर रही होती है। इस समय नाईट्रोजन को कम करके फास्फोरस, पोटाश और मैग्नीशियम पर ध्यान देना जरुरी होता है।
इन पोषक तत्वों की भूमिका:
- मुख्य पोषक तत्वों की भूमिका (38-40 दिन पर)
- फास्फोरस (Phosphorus – P):
इस अवस्था में फास्फोरस जड़ों के बेहतर विकास और फूलों की कलियां (Flower initiation) बनने के लिए सबसे जरूरी है। यह पौधों में ऊर्जा का संचार (ATP के रूप में) करता है, जिससे पौधा तनाव सहने में सक्षम होता है।
- पोटाश (Potassium – K):
पोटाश पौधे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह फूलों को झड़ने से रोकता है और कार्बोहाइड्रेट के संचलन में मदद करता है, जिससे आगे चलकर फलों का आकार और चमक बढ़ती है।
- मैग्नीशियम (Magnesium – Mg):
मैग्नीशियम क्लोरोफिल का मुख्य हिस्सा है। नाईट्रोजन न होने की स्थिति में भी मैग्नीशियम पत्तों को गहरा हरा बनाए रखता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) तेजी से होता है और पौधा कमजोर नहीं पड़ता।
- हाई फास्फोरस और पोटाश के अनुपात का संबंध
फास्फोरस और पोटाश का सही तालमेल ही फसल की दिशा तय करता है:
- जड़ बनाम मजबूती: फास्फोरस नीचे (जड़) का ढांचा तैयार करता है, जबकि पोटाश ऊपर (तने और फूल) की मजबूती सुनिश्चित करता है।
- फुलों की संख्या और गुणवत्ता: अगर केवल फास्फोरस देंगे तो फूल तो आएंगे, लेकिन पोटाश की कमी से वे टिक नहीं पाएंगे। इसलिए इस अवस्था में लिबीग- 6:24:36 का अनुपात सबसे बेहतर माना जाता है।
- पानी का प्रबंधन: पोटाश पौधों के रंध्रों (Stomata) को नियंत्रित करता है, जिससे फास्फोरस द्वारा विकसित जड़ें पानी का कुशलता से उपयोग कर पाती हैं।
मात्रा (Dose)
ड्रिप:
- लिबीग (6:24:36+ Mg) : 3 किलो प्रती एकड़
छिड़काव:
- फोर्टीफ़ाय: 2 मिली प्रती लीटर पानी
संतुलित वृद्धि के सूत्र:
- नाईट्रोजन का नियंत्रण: इस समय ज्यादा नाईट्रोजन देने से पौधा केवल ‘लंबा’ होगा और पत्तियां कोमल हो जाएंगी, जिससे कीट (Thrips/Mites) ज्यादा हमला करेंगे। नाईट्रोजन कम रखने से पौधा “झाड़ीनुमा” और मजबूत बनेगा।
- मजबूत तना: पोटाश और मैग्नीशियम का संयोजन तने को लकड़ी जैसा मजबूत बनाता है, जिससे भारी पैदावार होने पर भी पौधा झुकता नहीं है।
- सिंचाई: इन खाद के प्रयोग के साथ नमी बनाए रखें, लेकिन जलजमाव न होने दें।

