अनार: निम्बू साईज (76 वा दिन)

76 वें दिन के आसपास फल तेजी से आकार ले रहा होता है और अंदर बीज विकसित हो रहे होते हैं। इन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आपको पोटाश (K), मैग्नीशियम (Mg), कैल्शियम (Ca) और बोरान (B) अन्य पोषकतत्व के संतुलित मिश्रण पर ध्यान देना होगा, साथ ही नाईट्रोजन को नियंत्रित रखना होगा।

तो इस अवस्था में,

  1. पौधे को हरा बनाए रखना

अगर पौधा पीला पड़ जाएगा, तो वह भोजन (शुगर) बना ही नहीं पाएगा।

  • मैग्नीशियम (Magnesium): यह क्लोरोफिल (हरा रंग) का मुख्य घटक है। पत्तियों के पिलासपन को रोकने के लिए यह सबसे जरूरी तत्व है।
  • नियंत्रित नाईट्रोजन (Controlled Nitrogen):इस समय पेड़ को हरा रखने के लिए थोड़ी नाईट्रोजन जरूरी है, लेकिन बहुत ज्यादा नहीं। जो मैग्नीशियम के संयोग से पौधे में हरापन बनाये रखता है।
  • आयरन (Iron) एवं जिंक (Zinc): यदि पत्तियों में नसों के बीच पिलासपन (Interveinal Chlorosis) दिखे, तो आयरन पूर्ती जरूरी हो जाती  है।
  1. अंदर बीज (Arils/Seed) का आकार बढ़ाना

बीज का आकार और वजन बढ़ाने के लिए कोशिकाओं का विस्तार (Cell Enlargement) और उनमें पानी व शर्करा भरना जरूरी है।

  • पोटाश (Potassium): यह सबसे प्रमुख तत्व है। यह कोशिकाओं में पानी भरने और शर्करा जमा करने का काम करता है, जिससे बीज (गूदा) फूलकर बड़ा और रसीला बनता है।
  • बोरान (Boron): यह शर्करा को पत्तियों से खींचकर सीधे विकासशील बीजों (एरिल) तक पहुँचाने में मदद करता है। यह बीज की कोशिका भित्ति (Cell Wall) के निर्माण में भी सहाय्यक है।
  1. पत्तों से शर्करा (सुगर) को फलों में मोड़ना (Sugar Translocation)

यही वह प्रक्रिया है जो फल को मीठा और रसदार बनाती है। पत्तियां जो भोजन बनाती हैं (प्रकाश संश्लेषण द्वारा), उसे फलों तक पहुँचाना होता है।

  • पोटाश (Potassium) – पोटाश न केवल बीज बढ़ाता है, बल्कि यह पौधे के संवहनी तंत्र (Phloem) को सक्रिय करता है, जो पत्तियों में बनी शर्करा को खींचकर फलों की कोशिकाओं (बीज) में जमा करता है।
  • बोरान (Boron): बोरान की कमी होने पर शर्करा का संचलन रुक जाता है। बोरान शर्करा के अणुओं को कोशिका झिल्ली के पार ले जाने में मदद करता है, जिससे वह बीज में प्रवेश कर पाते हैं।
  • फास्फोरस (Phosphorus): इस स्तर पर फास्फोरस की जरूरत सीमित होती है, लेकिन यह ऊर्जा (ATP) के निर्माण में मदद करता है। ऊर्जा के बिना शर्करा का परिवहन संभव नहीं है।

तो इस अवस्था में मुख्य पोषकतत्त्वों के साथ दुय्यम और सुक्ष्मपोषकतत्वों  की पूर्ति जरुरी होती है। इसकी पूर्ति के लिए,

 

जमीन से,

अल्बर्ट सोल्युशन –  4 किलो प्रती एकड़

(अल्बर्ट सोल्युशन: 12 पोषकतत्व एक ही उत्पाद में)

alburt

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