अनार: पहले पानी के साथ जमीन एवं छिड़कांव में क्या दे ? (0 दिन)

इथरेल छिड़काव के बाद पहली सिंचाई के समय आखिर के आधे घंटे मे समुद्री शैवाल अर्क और फास्फोरस युक्त खाद को दे !

समुद्री शैवाल अर्क / बायो 20 (Seaweed Extract) क्यों दें?

समुद्री शैवाल अर्क एक प्रभावी जैविक उत्तेजक (Bio-stimulant) है। रासायनिक उर्वरकों के साथ इसके उपयोग से अनार उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।

  • सफ़ेद जड़ो का विकास; समुद्री शैवाल अर्क (Seaweed Extract) में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले औक्सिन (Auxin) नामक पादप हार्मोन के कारण यह सफेद जड़ों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • फूलों की गुणवत्ता बढ़ाता है: समुद्री शैवाल अर्क के उपयोग से पौधे पर मादा या उभयलिंगी फूलों (Bisexual flowers) की संख्या में काफी वृद्धि होती है। यह महत्वपूर्ण है क्योंकि मादा या उभयलिंगी फूल ही अच्छी गुणवत्ता वाले फलों में परिवर्तित होते हैं।
  • उत्पादन और गुणवत्ता सुधारता है: रासायनिक उर्वरकों के साथ समुद्री शैवाल अर्क (मिट्टी में और पर्ण छिड़काव द्वारा) के उचित उपयोग से फलों के उत्पादन में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही, निर्यातयोग्य गुणवत्तावाले फलों की संख्या में भी वृद्धि होती है।

आसान भाषा में कहें तो, समुद्री शैवाल अर्क पौधे के लिए ‘विटामिन’ की तरह काम करता है। यह पौधे की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर, जड़ों की अच्छी वृद्धि करके और मिट्टी में अन्य पोषकतत्वों को अवशोषित करने की क्षमता बढ़ाकर समग्र पौधे के स्वास्थ्य में सुधार करता है।

फास्फोरस युक्त उर्वरक (Phosphorus Fertilizers) क्यों दें?

फास्फोरस (P) पौधे की जड़ों के विकास और फूलों के लिए अत्यंत आवश्यक मुख्य पोषकतत्व है। इथेरेल छिड़काव के बाद पहली सिंचाई में फास्फोरस देना इसलिए आवश्यक है:

  • जड़ों का विकास: नए मौसम के लिए तैयार होनेवाले पौधे को एक मजबूत जड़ प्रणाली विकसित करनी होती है, ताकि वह मिट्टी से पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य पोषकतत्वों को अवशोषित कर सके। फास्फोरस विशेष रूप से जड़ों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।
  • फूल और फल निर्माण: फास्फोरस ऊर्जा स्थानांतरण की प्रक्रिया (एटीपी के माध्यम से) से संबंधित है, इसलिए यह कली बनने से लेकर फल बनने तक की सभी प्रक्रियाओं के लिए ऊर्जा की आपूर्ति करता है। अच्छे फूल निर्माण और फल गिरने से रोकने के लिए इसकी आपूर्ति आवश्यक है।
  • नाईट्रोजन का संतुलन: अधिक मात्रा में नाईट्रोजन देने से पौधे की वृद्धि तो अच्छी होती है, लेकिन इससे फूलों की बजाय केवल पत्तियों का ही विकास हो सकता है। फास्फोरस की पर्याप्त आपूर्ति इस संतुलन को बनाए रखती है और पौधे को फूलों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है। सिंगल सुपर फास्फेट जैसे उर्वरकों को प्रति पौधे निर्धारित मात्रा में देने से फास्फोरस की आपूर्ति हो सकती है।

पहली सिंचाई में इन दोनों घटकों को देने का उद्देश्य केवल पौधे को आहार देना नहीं है, बल्कि उसे आगामी संपूर्ण वृद्धि और फल निर्माण की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए सक्षम बनाना है। समुद्री शैवाल अर्क पौधे को आंतरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता और कार्यक्षमता देता है, जबकि फास्फोरस उसे सही दिशा में वृद्धि के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करता है।

स्प्रे:

  • बायो 20: 2 मिली प्रती लीटर पानी (Seaweed Extract)

जमीन से:

  • बायो 20: 500 मिली प्रती एकड़
  • हेनीग सोल्युशन : 4 किलो प्रती एकड़ (11:44:11 + TE)

(सुरुवात से लेके अंत तक लम्बे समय के लिए जमीन से जैविक फफूंदनाशक या फिर वेलम प्राइम चलाए )

bio 20

henning

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