अनार में फूलों का झड़ना एवं फल सैटींग

अनार में फूलों का झड़ना (Flower Dropping) किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या है। इसे रोकने के लिए कैल्शियम (Calcium) और NAA (नेफ्थलीन एसिटिक ऐसिड) का छिडकांव सबसे कारगर है।

फूल गिरने के कारण:

  1. पानी की कमी: फूल की कली बनने के समय अचानक ज़्यादा पानी देना या पानी देना अचानक बंद करने से ‘शॉक’ लगता है और फूल गिर जाते हैं।
  2. कार्बन-नाईट्रोजन रेशो (C:N Ratio): अगर पौधे में नाइट्रोजन बहुत ज़्यादा है (यानी पौधा बहुत हरा है), तो पौधा फूल गिरा देता है और बढ़ने पर ध्यान देता है। इसलिए, फूल की कली बनने के समय यूरिया का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  3. थ्रिप्स का संक्रमण  (इन्फेक्शन) : हम अक्सर कैल्शियम डालते हैं, लेकिन फूल ‘थ्रिप्स’ (फूलों के कीड़े) की वजह से गिर रहे हैं। फूल के अंदर ध्यान से देखें, अगर कोई छोटा कीड़ा है, तो कीटनाशक का स्प्रे करें।

इसके अलावा, न्यूट्रिएंट्स की कमी और हार्मोन इम्बैलेंस इसके मुख्य कारण हैं।

  1. कैल्शियम:

कैल्शियम को पौधों की कोशिकाओं का “सीमेंट” कहा जाता है। अनार में इसका मुख्य काम फूल और टहनी के जोड़ को मज़बूत करना है।

  • सेल की दीवारों को मज़बूत करना: कैल्शियम सेल की दीवारों में ‘कैल्शियम पेक्टेट’ बनाता है। यह फूल के तने को इतना मज़बूत बनाता है कि वह हवा के हल्के से झोंके से नहीं टूटता।
  • एब्सिसन लेयर से बचाव: जब पौधे में कैल्शियम की कमी होती है, तो फूल के तने के पास ‘एब्सिसन लेयर’ नाम की एक कमज़ोर परत बन जाती है। यहीं पर फूल टूटता है। कैल्शियम इस जमाव को रोकता है।
  • पोलन ट्यूब का विकास: पोलिनेशन के दौरान कैल्शियम बहुत ज़रूरी होता है। अगर कैल्शियम सही मात्रा में हो, तो फूल से फल बनने का प्रोसेस सफल होता है, नहीं तो फूल अपने आप गिर जाता है।
  1. NAA (प्लेनोफिक्स):

NAA एक सिंथेटिक ‘औक्सिन’ हार्मोन है। इसका काम पौधे को फूल रोकने का सिग्नल देना है।

  • एथिलीन या एब्सिसिक ऐसिड से बचाव: जब कोई पौधा तनाव में होता है, तो वह ‘एथिलीन’ या एब्सिसिक ऐसिड नाम की गैस बनाता है, जिससे फूल झड़ जाते हैं। NAA इन असर को उलट देता है।
  • फल लगना: अनार में तीन तरह के फूल होते हैं (नर, मादा और बाईसेक्सुअल)। NAA बाईसेक्सुअल या मादा फूलों की संख्या बढ़ाने और उन्हें फलों में बदलने में मदद करता है।
  • डंठल की मजबूती: NAA फूल के डंठल की मजबूती को बढ़ाता है, जिससे फल का वज़न सहने की क्षमता बढ़ जाती है।

स्प्रे:

कैलमैक्स गोल्ड: 2 मिली प्रती लीटर पानी

प्लेनोफिक्स: 0.22 मिली प्रती लीटर पानी

जमीन से:

ओनील या लिबीग: 4 किलो प्रती एकड़

ध्यान रखे:

  • समय: कली का स्टेज, 50% फूल आना और फल सैट होने के तुरंत बाद याने 30-60 दिन के अन्दर 3 बार ।
  • इसके साथ अन्य कीटनाशक ‘जार टेस्ट’ परिक्षण करके इस्तेमाल करे।

 

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