तरबूज में फ्लोवरिंग (Flowering) याने कुसुमीत को और अधिक प्रभावशाली बनाने और फूलों को झड़ने से रोकना भी महत्वपूर्ण होता हैं।
इस अवस्था में फ्लोवरिंग को बूस्ट करने के लिए फास्फोरस एवं सुक्ष्मपोषकतत्व जमीन से और छिड़कांव में देने जरुरी हो जाता है। इस अवस्था में,
- डीपी 98 (2 ml/लिटर पानी): इसमें मौजूद फास्फोरस सर्वाधिक वहनशील याने उच्च गतिवाला होता है।फूल आने के समय पौधे को भारी मात्रा में ATP (ऊर्जा) की जरूरत होती है। डीपी 98 पत्तों के माध्यम से सीधे उस ऊर्जा की कमी को पूरा करता है। यह फूलों के “डंठल” (Pedicel) को मजबूत बनाता है जिससे फूल गिरते नहीं हैं।
- माईक्रोमैक्स 70 (1 ml/लिटर पानी): यह सूक्ष्मपोषकतत्वों का एक शक्तिशाली मिश्रण है। यह एंजाईमों को सक्रिय करता है जो फूलों के विकास के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसमें मौजूद जिंक नए ऊतकों के निर्माण में मदद करता है और मैंगनीज प्रकाश संश्लेषण को तेज करता है ताकि पौधे के पास फल पोषण के लिए पर्याप्त भोजन हो।
- हेनीग सोल्यूशन (4 किलो/एकड़): यह मिट्टी में बिना फिक्सिंग के फास्फोरस की उपलब्धता को 100% सुनिश्चित करता है। फूल आने की अवस्था में यह जड़ों को संकेत देता है कि अब बेल बढ़ाने के बजाय “मादा फूल” (Female Flowers) पैदा करने का समय आ गया है। यह एकसमान फ्लावरिंग (कुसिमीत) लाता है, जिससे खेत में सभी फल एक ही समय पर सैट होते हैं।
- लिपमैन कोम्बी (500 ग्राम/एकड़): इसमें मौजूद सूक्ष्मपोषकतत्व, विशेषकर बोरान, परागण (Pollination) के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। बोरोन ‘पराग नलिका’ (Pollen Tube) का निर्माण करता है, जिससे नर फूल के कण मादा फूल तक पहुँचकर सफलतापूर्वक फल में बदल जाते हैं। इसके बिना मादा फूल तो आते हैं, लेकिन वे फल बनने के बजाय सूखकर गिर जाते हैं।
स्प्रे
- डिपी 98 – 2 मिली प्रती लिटर पानी
- माईक्रोमैक्स 70 – 1 मिली प्रती लिटर पानी
जमीन से:
- हेनीग सोल्युशन – 4 किलो प्रती एकड़
- लिपमैन कोम्बी – 500 ग्राम प्रती एकड़
फ्लोवरिंग (कुसुमीत) अच्छी हो, इसके लिए इन 3 गलतियों से जरुर बचें:
- ज्यादा यूरिया (Nitrogen) से बचें: इस समय यूरिया का ज्यादा इस्तेमाल बेल को तो बढ़ाएगा, लेकिन फूलों को गिरा देगा। ‘वेजिटेटिव ग्रोथ’ याने कायिक वृद्धी को रोकें और ‘रिप्रोडक्टिव ग्रोथ’ पर ध्यान दें।
- कीटनाशकों का चुनाव: फूलों के दौरान प्रोफेनोफोस या साईपरमेथ्रिन जैसे तेज गंधवाले किटनाशकों का प्रयोग न करें। इनकी गंध से मधुमक्खियां खेत में नहीं आतीं और परागण (Pollination) नहीं हो पाता। यदि थ्रिप्स हैं, तो हल्का स्प्रे शाम के समय करें।
- हल्की सिंचाई: पानी का भारी भराव न करें। नमी बराबर रखें। अचानक ज्यादा पानी देने से पौधा फूलों को गिरा देता है।





